• Home
  • POLITICS
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिवाली पर देश के नाम पत्र — ‘स्वदेशी अपनाएं, खाने में तेल 10% कम करें, योग को जीवन का हिस्सा बनाएं’
Image

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिवाली पर देश के नाम पत्र — ‘स्वदेशी अपनाएं, खाने में तेल 10% कम करें, योग को जीवन का हिस्सा बनाएं’

✍️ नई दिल्ली | 20 अक्टूबर 2025

देश भर में दीपावली का पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। इसी शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक विशेष पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने देशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देने के साथ-साथ स्वास्थ्य, स्वदेशी उत्पादों, आत्मनिर्भरता, स्वच्छता और एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना पर जोर दिया है।


🌟 राम मंदिर के बाद दूसरी दीपावली — ऐतिहासिक क्षण का उल्लेख

प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में कहा कि यह दिवाली इसलिए विशेष है क्योंकि यह अयोध्या में श्रीराम मंदिर के उद्घाटन के बाद दूसरी दीपावली है। उन्होंने लिखा कि भगवान राम का आदर्श हमें अन्याय और असत्य के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है। मोदी ने कहा, “जैसे भगवान राम ने धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष किया, वैसे ही आज भारत भी दुनिया के मंच पर सत्य, शांति और न्याय के लिए खड़ा है।”

उन्होंने इस अवसर पर ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया — जिसमें भारतीय सेना ने मानवता और साहस की मिसाल पेश की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा अपने आदर्शों पर चलते हुए, दुनिया को न्याय और करुणा का संदेश दिया है।


🇮🇳 ‘स्वदेशी अपनाएं’ – लोकल से वोकल बनने का आह्वान

मोदी ने अपने पत्र में कहा कि दिवाली केवल दीयों और मिठाइयों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारे भीतर स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की भावना जगाने का भी अवसर है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की —

“जब भी आप खरीदारी करें तो गर्व से कहें — यह स्वदेशी है!

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वदेशी उत्पाद खरीदने से न केवल छोटे व्यापारियों और कारीगरों को लाभ होता है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। उन्होंने जनता से यह भी कहा कि स्थानीय बाजारों से सामान खरीदकर ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को नई ऊंचाई दें।


🍲 ‘खाने में तेल का उपयोग 10% कम करें’ – स्वास्थ्य के लिए विशेष संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से स्वास्थ्य-संवर्धन की दिशा में एक सरल लेकिन महत्वपूर्ण कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा:

“खाने में तेल का उपयोग 10 प्रतिशत कम करें और योग को जीवन का हिस्सा बनाएं।”

उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी आदतें जैसे तेल कम करना, समय पर भोजन, नियमित व्यायाम, और पर्याप्त नींद— देश की सामूहिक स्वास्थ्य क्षमता को बढ़ा सकती हैं।
साथ ही, उन्होंने लोगों से फास्ट फूड और अत्यधिक मीठे पदार्थों से दूरी बनाने का आग्रह किया ताकि देश ‘फिट इंडिया’ अभियान की दिशा में आगे बढ़ सके।


🕯️ नक्सल प्रभावित इलाकों में अब जल रहे हैं दीप – एक नया भारत

प्रधानमंत्री ने गर्वपूर्वक कहा कि आज देश के दूर-दराज़ इलाकों, जिनमें कभी नक्सलवाद का बोलबाला था, वहां भी अब दीपावली के दीप जल रहे हैं।
उन्होंने लिखा —

“पहले जहाँ बम और बंदूक की आवाजें सुनाई देती थीं, वहाँ अब दीपों की रोशनी और बच्चों की हँसी गूँज रही है। यह भारत के बदलते चेहरे की पहचान है।”

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को संतुलित रूप से आगे बढ़ाया है ताकि हर नागरिक इस उत्सव में शामिल हो सके।


🏗️ भारत की ऐतिहासिक उपलब्धियों का उल्लेख

अपने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने देश की हालिया उपलब्धियों को भी याद किया —

  • चंद्रयान-3 की सफलता से लेकर G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी तक,
  • डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इकोसिस्टम, और मेक इन इंडिया की सफलता तक,
    भारत ने दुनिया के सामने नई पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि नवाचार और तकनीक का नेतृत्वकर्ता बन रहा है।


🧹 स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

मोदी ने दिवाली की पृष्ठभूमि में स्वच्छता का संदेश भी दिया। उन्होंने लिखा कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।
उन्होंने अपील की —

“दिवाली मनाएं लेकिन प्रकृति का ध्यान रखें। प्लास्टिक की जगह मिट्टी के दीपक जलाएं और स्वच्छ-हरित भारत का निर्माण करें।”


💬 ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ – भाषाओं और संस्कृतियों का सम्मान करें

प्रधानमंत्री ने नागरिकों से कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है।
उन्होंने आग्रह किया कि हर नागरिक देश की हर भाषा और संस्कृति का सम्मान करे —

“हम सब अलग हैं, लेकिन हम सब भारत हैं। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”


🎇 अंत में प्रधानमंत्री का संदेश

अपने पत्र के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा —

“दीपावली प्रकाश का त्योहार है। यह हमें सिखाती है कि अंधकार चाहे कितना भी गहरा हो, एक दीपक उसे मिटा सकता है। हमें भी अपने भीतर का दीपक जलाना है — सकारात्मकता, स्वदेशी, और आत्मनिर्भरता का।”


📢 निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दिवाली पत्र केवल शुभकामना संदेश नहीं है, बल्कि यह एक प्रेरणादायक राष्ट्रीय संकल्प का आह्वान है। इसमें नागरिकों को बताया गया है कि कैसे हम छोटे-छोटे बदलावों से एक स्वस्थ, स्वावलंबी और मजबूत भारत का निर्माण कर सकते हैं।
यह पत्र लोगों को सिर्फ दीप जलाने के लिए नहीं, बल्कि देश के उज्जवल भविष्य को रोशन करने के लिए प्रेरित करता है।

Releated Posts

📰 SC में SIR विवाद: सुनवाई जारी, ECI को नोटिस — मतदाता सूची संशोधन पर असंतोष

सुशूचित है कि 26 नवम्बर 2025 को सुप्रीम कोर्ट (SC) ने ECI द्वारा देश के कई राज्यों/केंद्र शासित…

ByBySURAJ P. MANHER Nov 26, 2025

26/11 मुंबई हमले की बरसी पर शहीदों को नमन, नेताओं ने व्यक्त की श्रद्धांजलि

26/11 मुंबई आतंकी हमले की बरसी पर देश भर में शहीदों को श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी रहा।…

ByBySURAJ P. MANHER Nov 26, 2025

दुबई एयर शो में HAL Tejas विमानों के प्रदर्शन दौरान हादसा — नमान्श स्याल पायलट शहीद, हिमाचल का गाँव शोक में

दुबई एयर शो-2025 में भारतीय वायुसेना के हल-मल्ट मुकुट विमानों में से एक HAL Tejas दुर्घटना के कारण…

ByBySURAJ P. MANHER Nov 22, 2025

📰 जम्मू-कश्मीर राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने जीत ली एक सीट, 28 विधायक धर्मशाला में 32 वोटों से बना राजनीतिक सरप्राइज़

✍️ नई दिल्ली | 25 अक्टूबर 2025 जम्मू-कश्मीर के इस नए राजनीतिक अध्याय में, भाजपा ने एक बड़ा…

ByBySURAJ P. MANHER Oct 25, 2025

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *